छत्तीसगढ़

1.49 लाख किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 745 करोड़ से अधिक की अंतर राशि होली से पहले भुगतान

Shantanu Roy
27 Feb 2026 9:14 PM IST
1.49 लाख किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 745 करोड़ से अधिक की अंतर राशि होली से पहले भुगतान
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Mahasamund. महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि होली से पहले एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। इस योजना के तहत महासमुंद जिले के कुल 1,49,759 किसानों के बैंक खातों में 745 करोड़ 30 लाख 36 हजार रुपए की राशि अंतरित की जाएगी।

इस अवसर पर 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी खेल मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री स्वयं राज्य के किसानों के खातों में राशि हस्तांतरित करेंगे। इसके साथ ही महासमुंद जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भी कृषक उन्नति योजना के तहत वृहद किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगा, जिसमें किसानों को योजना की जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं का निपटारा किया जाएगा। उप संचालक कृषि एफ. आर. कश्यप ने बताया कि इस योजना से जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से कुल 10,19,568 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। अंतर राशि भुगतान का उद्देश्य किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा करना और उन्हें समय पर लाभ सुनिश्चित करना है।

कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को मिलने वाली यह राशि उनकी खेती के लिए पूंजी उपलब्ध कराएगी और उन्हें आगामी कृषि कार्यों में आर्थिक सहारा प्रदान करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के जरिए किसानों का वित्तीय सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस भुगतान और किसान सम्मेलन के माध्यम से राज्य सरकार किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। ब्लॉक मुख्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में किसानों को योजना से संबंधित सभी जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह कदम किसानों की स्थिति को मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। महासमुंद जिले में आयोजित होने वाला यह किसान सम्मेलन और अंतर राशि का भुगतान किसानों के लिए उत्सव और राहत का अवसर साबित होगा। इससे किसानों को न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि उनकी सरकारी योजनाओं के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा।
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